भोपाल, झीलों का शहर, कई पवित्र स्थलों के निकट है, 11वीं सदी का भोजपुर शिव मंदिर, 46 किमी दूर सांची के प्राचीन बौद्ध स्तूप और पचमढ़ी का जटाशंकर गुफा मंदिर। भोपाल के निवासियों के लिए नवरात्रि, महाशिवरात्रि और गणेश चतुर्थी सभी सटीक मुहूर्त के इर्द-गिर्द घूमते हैं।
भोपाल में राहु काल के दौरान कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, जैसे नया व्यापार आरंभ करना, किसी समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करना, या महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना। इस समय विवाह, सगाई जैसे शुभ संस्कार करना उचित नहीं माना जाता। संपत्ति या वाहन की खरीद-फरोख्त और बैंक से ऋण लेने जैसे बड़े वित्तीय निर्णय भी राहु काल में टालना ही बेहतर रहता है, क्योंकि इस समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना अधिक रहती है।
राहु काल में जो काम पहले से चल रहे हों, उन्हें जारी रखा जा सकता है, इसमें कोई दोष नहीं है। यह समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है, विशेषकर राहु मंत्र "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का जाप इस काल में विशेष फलदायी होता है। पढ़ाई, योजना बनाना, रोजमर्रा के घरेलू काम और दफ्तर का नियमित कार्य इस दौरान बिना किसी चिंता के किया जा सकता है। राहु काल को सकारात्मक दृष्टि से देखें तो यह आत्मचिंतन और साधना का एक अच्छा अवसर है।
हर शहर का राहु काल उसके अपने सूर्योदय से अलग निकलता है, इसलिए Bhopal के पास के शहरों का समय भी अलग है।
| Omkareshwar | 3:33 PM to 5:08 PM |
| Ujjain | 3:35 PM to 5:10 PM |
| Indore | 3:35 PM to 5:09 PM |
| Jabalpur | 3:19 PM to 4:53 PM |
25 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए खगोलीय सटीक राहु काल समय।