मकर संक्रांति हिंदू पंचांग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। यह एकमात्र प्रमुख हिंदू त्योहार है जो चंद्र तिथि के बजाय सूर्य की खगोलीय गति, यानी सौर संक्रमण, पर आधारित होता है, इसीलिए यह प्रायः हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को पड़ता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर (मकर राशि) पधारते हैं। यह मेल-मिलाप और क्षमा का प्रतीक माना गया है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होता है, अर्थात् उत्तर की ओर यात्रा आरंभ करता है, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है और जो शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम काल माना जाता है।
मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के नवीनीकरण का उत्सव भी है। शीत ऋतु की विदाई और फसल की कटाई का यह समय कृतज्ञता, दान और सामूहिक आनंद का अवसर बनता है। देश के विभिन्न भागों में इसे पोंगल, उत्तरायण, लोहड़ी और बिहू जैसे नामों से भी मनाया जाता है।