धनतेरस हिंदू पंचांग के कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह पाँच दिवसीय दीपावली उत्सव का पहला और शुभारंभ करने वाला दिन है। "धन" अर्थात् संपत्ति और "तेरस" अर्थात् तेरहवीं तिथि, इस दिन धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी तथा कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान धन्वंतरि, जो आयुर्वेद के देवता और अमृत के दाता हैं, समुद्र मंथन से अपने हाथों में स्वर्ण कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसीलिए इस दिन को "धन्वंतरि त्रयोदशी" या "धन्वंतरि जयंती" भी कहते हैं और यह दिन स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना के लिए भी पवित्र माना जाता है।
एक अन्य प्रचलित कथा के अनुसार इस दिन यमराज ने एक नवविवाहित युवक की पत्नी को सर्पदंश से बचाया था। इसलिए घरों के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाकर अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। धनतेरस इस प्रकार केवल भौतिक समृद्धि का नहीं, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य और कल्याण का उत्सव है।