मंगलवार, 10 नवंबर 2026 नई दिल्ली के लिए इस लेख की संदर्भ तारीख है। नीचे दिया समय केवल नई दिल्ली, भारत (IST, UTC+5:30) के लिए है। दूसरे शहर या विदेश में यही समय लागू न मानें।
नई दिल्ली का संदर्भ समय
सुबह 6:40–8:50 बजे IST
यह पूजा का संदर्भ मुहूर्त है। तारीख और समय का स्रोत (जांच: 27 अक्टूबर 2026).
तारीख अपने आप 9 नवंबर न मानें
नई दिल्ली के लिए गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 को है, जबकि मुख्य दिवाली 8 नवंबर को है। पर्व संबंधित तिथि के आधार पर आता है, केवल अगले दिन होने के नियम से नहीं। संदर्भ में प्रतिपदा 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे से 10 नवंबर दोपहर 2:00 बजे IST तक है। इसलिए दूसरे साल की लगातार तारीखों वाली सूची से परिवार की योजना गलत हो सकती है।
अन्नकूट का भाव
गोवर्धन पूजा में श्रीकृष्ण द्वारा समुदाय की रक्षा की परंपरा का स्मरण किया जाता है। अन्नकूट में कृतज्ञता के साथ तैयार भोजन अर्पित किया जाता है। घर में उतने ही व्यंजन चुनें जिन्हें सहजता से बना सकें; मंदिर जैसे बड़े आयोजन की नकल जरूरी नहीं है। अपने परिवार की सामग्री और भोजन संबंधी परंपरा पूछ लें तथा पूजा स्थान को व्यस्त रसोई से अलग रखें।
भोजन की व्यावहारिक योजना
एक दिन पहले व्यंजन लिखें, सामग्री जांचें और काम बांटें। घर के कार्यक्रम से पहले तैयार होने वाले व्यंजन चुनें। पका भोजन ढककर रखें और परोसने की मात्रा सोचकर तय करें। अतिथियों की भोजन संबंधी जरूरतें पहले पूछ लें। प्रसाद के बाद भोजन बांटने के लिए डिब्बे तैयार रखें ताकि अनावश्यक बर्बादी न हो।
घर की पूजा और मंदिर का कार्यक्रम
मंदिर का अन्नकूट दर्शन उसके सामुदायिक कार्यक्रम के अनुसार हो सकता है। तारीख, प्रवेश और भोग लाने के नियम सीधे मंदिर से पूछें। यहां दिया सुबह का गृहस्थ पूजा समय सार्वजनिक दर्शन का समय न मानें। घर में प्रचलित स्वरूप, प्रार्थना और अर्पण क्रम अपनाएं। अपरिचित या औपचारिक अनुष्ठान के लिए अपने पुरोहित से मार्गदर्शन लें।
सप्ताह के बाकी कार्यक्रम
भाई दूज की यात्रा और भोजन की योजना अन्नकूट की तैयारी से अलग रखें। पास-पास कई आयोजन हों तो अतिथियों की संख्या और जिम्मेदारियां तय करना अतिरिक्त सजावट से अधिक उपयोगी हो सकता है। रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजते समय सही तारीख और शहर जरूर लिखें।
अपने शहर का पंचांग देखें
CosmosPandit के वेब ऐप में अपना शहर और संबंधित तारीख चुनकर पंचांग देखें। शहर सही चुना है या नहीं, यह जांच लें। परिवार के विशेष अनुष्ठान का समय स्पष्ट न हो तो स्थानीय मंदिर या पुरोहित से पूछें। दिल्ली के घड़ी समय को केवल समय क्षेत्र बदलकर स्थानीय पूजा का मुहूर्त न मानें।