दिवाली 2026: वह तारीख जो करोड़ों भारतीय पूरे साल इंतजार करते हैं
कल्पना करें, दुबई में रहने वाले एक परिवार ने भारत से भेजी गई पंचांग देखकर रात 8:00 बजे IST का मुहूर्त निकाला। उन्होंने उसी समय पूजा शुरू की। लेकिन दुबई का स्थानीय समय तब रात 6:30 बजे था, और प्रदोष काल दुबई में 6:48 बजे शुरू होता था। नतीजा यह हुआ कि पूजा मुहूर्त से पहले ही शुरू हो गई। यह गलती लाखों प्रवासी भारतीय हर साल दोहराते हैं।
दिवाली 2026 की तारीख है: 28 अक्टूबर 2026, बुधवार। इस दिन कार्तिक मास की अमावस्या तिथि होगी। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 27 अक्टूबर की रात से होगा और 28 अक्टूबर की रात तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन हमेशा प्रदोष काल और स्थिर लग्न में किया जाता है, इसलिए सही समय जानना सबसे पहली जरूरत है।
दिवाली का ज्योतिषीय आधार: अमावस्या, प्रदोष और स्थिर लग्न
दिवाली केवल एक उत्सव नहीं है, यह एक सटीक ज्योतिषीय घटना है। कार्तिक अमावस्या की रात सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं, जिससे आकाश में घोर अंधकार होता है। इसी अंधकार में दीप जलाने का महत्व है। लक्ष्मी माता अंधकार में नहीं, बल्कि प्रकाश की ओर आती हैं।
प्रदोष काल वह समय होता है जो सूर्यास्त के बाद लगभग 48 से 96 मिनट तक रहता है। इस काल में लक्ष्मी पूजन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसके साथ स्थिर लग्न का होना भी जरूरी है। वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ, ये चार स्थिर लग्न हैं। स्थिर लग्न में की गई पूजा से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है, ऐसा शास्त्र कहते हैं।
2026 में 28 अक्टूबर को वृषभ लग्न शाम के प्रदोष काल के आसपास पड़ने की संभावना है। सटीक लग्न समय आपके शहर के अक्षांश-देशांतर पर निर्भर करता है, इसलिए हर शहर का समय अलग होगा।
भारत के प्रमुख शहरों में दिवाली 2026 का मुहूर्त
नीचे दी गई तालिका में भारत के प्रमुख शहरों के लिए अनुमानित प्रदोष काल और शुभ मुहूर्त दिए गए हैं। ये समय पंचांग गणना पर आधारित हैं।
| शहर | सूर्यास्त समय (लगभग) | प्रदोष काल प्रारंभ | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | शाम 5:58 | शाम 5:58 | शाम 6:15 – 8:11 |
| मुंबई | शाम 6:14 | शाम 6:14 | शाम 6:30 – 8:20 |
| कोलकाता | शाम 5:25 | शाम 5:25 | शाम 5:40 – 7:30 |
| चेन्नई | शाम 5:50 | शाम 5:50 | शाम 6:05 – 7:55 |
| अहमदाबाद | शाम 6:08 | शाम 6:08 | शाम 6:25 – 8:15 |
ध्यान दें कि कोलकाता में सूर्यास्त दिल्ली से लगभग 33 मिनट पहले होता है। इसलिए कोलकाता के परिवारों को पूजा जल्दी शुरू करनी होगी। IST एक देशव्यापी औसत समय है, और हर शहर का वास्तविक सूर्यास्त अलग होता है।
विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए जरूरी जानकारी
यह खंड उन लाखों भारतीयों के लिए है जो दुबई, लंदन, टोरंटो, सिडनी या न्यूयॉर्क में रहते हैं। भारत की पंचांग में दिया गया IST समय आपके शहर में गलत है। आपको अपने स्थानीय सूर्यास्त और लग्न समय की गणना करनी होगी।
नीचे 28 अक्टूबर 2026 के लिए अनुमानित स्थानीय समय दिए गए हैं।
- दुबई (UAE): सूर्यास्त लगभग शाम 6:05 बजे। शुभ मुहूर्त शाम 6:20 से 8:10 बजे तक (GST)।
- लंदन (UK): अक्टूबर में शाम जल्दी होती है। सूर्यास्त लगभग शाम 5:05 बजे। शुभ मुहूर्त शाम 5:20 से 7:15 बजे तक (GMT, BST समाप्त)।
- टोरंटो (कनाडा): सूर्यास्त लगभग शाम 6:10 बजे (EDT)। शुभ मुहूर्त शाम 6:25 से 8:20 बजे तक।
- सिडनी (ऑस्ट्रेलिया): अक्टूबर में वसंत ऋतु होती है। सूर्यास्त लगभग शाम 7:15 बजे (AEDT)। शुभ मुहूर्त शाम 7:30 से 9:20 बजे तक।
- न्यूयॉर्क (USA): सूर्यास्त लगभग शाम 5:58 बजे (EDT)। शुभ मुहूर्त शाम 6:12 से 8:05 बजे तक।
एक व्यावहारिक उदाहरण लें। लंदन में रहने वाले एक परिवार ने IST शाम 6:30 बजे का मुहूर्त पढ़ा। IST और GMT में 5.5 घंटे का अंतर है। यानी GMT में वह समय दोपहर 1:00 बजे बनता है, जो बिल्कुल गलत समय है। उन्हें अपने स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार, शाम 5:20 से 7:15 बजे के बीच पूजा करनी चाहिए।
CosmosPandit ऐप आपके GPS स्थान के आधार पर आपके शहर का सटीक प्रदोष काल, स्थिर लग्न और पूजा मुहूर्त स्वचालित रूप से दिखाता है। आपको कोई मैन्युअल गणना नहीं करनी पड़ती।
दिवाली पूजा विधि: चरण-दर-चरण मार्गदर्शन
शाम को स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। लक्ष्मी माता और श्री गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। गणेश जी को हमेशा लक्ष्मी जी के दाईं ओर रखें।
पूजन सामग्री में ये वस्तुएं अवश्य रखें।
- कमल के फूल या गेंदे के फूल
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शर्करा)
- कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल)
- घी का दीपक और तेल के दीपक
- खील, बताशे और मिठाई
- चांदी या सोने के सिक्के (उपलब्ध हों तो)
पूजा में पहले गणेश जी की, फिर लक्ष्मी माता की स्तुति करें। श्री सूक्त का पाठ सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। पाठ न आता हो तो "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै नमः" का 108 बार जाप करें। अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
दिवाली 2026 की पंचदिवसीय यात्रा
दिवाली केवल एक दिन का त्योहार नहीं है, यह पाँच दिनों का उत्सव है। हर दिन का अपना महत्व और विधि है।
- धनतेरस (26 अक्टूबर): धन्वंतरि और कुबेर पूजन। सोना, चांदी या बर्तन खरीदना शुभ।
- नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली (27 अक्टूबर): सूर्योदय से पहले तेल स्नान और यम दीपक।
- दिवाली / लक्ष्मी पूजन (28 अक्टूबर): प्रदोष काल में मुख्य पूजन। दीप जलाना, आतिशबाजी।
- गोवर्धन पूजा / अन्नकूट (29 अक्टूबर): 56 भोग, गोवर्धन पर्वत की पूजा।
- भाई दूज (30 अक्टूबर): बहनें भाइयों को तिलक लगाती हैं और दीर्घायु की कामना करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या दिवाली की रात 12 बजे पूजा करना सही है?
नहीं। तांत्रिक परंपरा में अर्धरात्रि पूजन होता है, लेकिन गृहस्थों के लिए प्रदोष काल में स्थिर लग्न में पूजा ही श्रेष्ठ है। अधिकांश शास्त्र सूर्यास्त के 1 से 3 घंटे के भीतर पूजन की सलाह देते हैं।
प्रश्न 2: विदेश में भारतीय पंचांग का IST समय सही क्यों नहीं होता?
पंचांग की गणना भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30) पर आधारित होती है। दुबई UTC+4 है, लंदन अक्टूबर में UTC+0 है, और सिडनी UTC+11 है। इसलिए IST मुहूर्त को सीधे अपने देश में लागू करना ज्योतिषीय दृष्टि से गलत है। मुहूर्त की गणना हमेशा उस स्थान के सूर्यास्त से होनी चाहिए जहाँ आप पूजा कर रहे हैं।
प्रश्न 3: यदि मुहूर्त के समय दफ्तर या काम हो तो क्या करें?
विदेश में काम के घंटे अलग होते हैं। यदि मुख्य मुहूर्त में पूजा संभव न हो, तो सूर्यास्त के बाद जितना जल्दी संभव हो, प्रदोष काल में पूजा करें। शास्त्र कहते हैं कि भक्ति और शुद्ध भावना से की गई पूजा कभी निष्फल नहीं होती। फिर भी, CosmosPandit जैसे ऐप से अपने शहर का वैकल्पिक मुहूर्त देखना एक अच्छा विकल्प है।
दिवाली 2026 की तैयारी अभी से शुरू करें
दिवाली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं है, यह जागरूकता का त्योहार है। सही समय, सही स्थान और सही विधि तीनों मिलकर पूजा को पूर्ण बनाते हैं। चाहे आप नई दिल्ली में हों या टोरंटो में, आपकी पूजा उतनी ही पवित्र और फलदायी होगी, बशर्ते आप अपने स्थानीय आकाश के अनुसार मुहूर्त निकालें।
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